सबसे पहले शुक्रवार को तीन छात्राओं को इलाज के लिए शंकराचार्य अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके बाद भी अलग-अलग दिनों में इसी तरह की घटनाएं सामने आती रहीं। खास बात यह है कि ये मामले केवल दोपहर की पाली में पढ़ने वाली कक्षा 9वीं और 11वीं की छात्राओं में ही सामने आए हैं, जबकि मॉर्निंग शिफ्ट में ऐसी कोई घटना नहीं हुई।


जांच के बाद स्पष्ट होगा कारण
स्कूल प्रबंधन ने मामले की सूचना जिला शिक्षा विभाग को दे दी है। फिलहाल शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। छात्राओं के बेहोश होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि इसके पीछे स्वास्थ्य संबंधी कोई कारण है, मनोवैज्ञानिक वजह है या कोई अन्य कारण है।

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