152 करोड़ की लागत से प्रस्तावित बायपास परियोजना पर उठे सवाल, किसानों ने कृषि भूमि अधिग्रहण पर जताई आपत्ति।
रायगढ़। तमनार क्षेत्र में कोयला परिवहन के लिए प्रस्तावित बायपास सड़क परियोजना का स्थानीय किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बायपास का रूट बदलने और उनकी कृषि भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की है।
सरकार ने मार्च 2026 में 152.49 करोड़ रुपये की लागत से करीब 8.50 किलोमीटर लंबे तमनार बायपास को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य कोयला खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों को आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर निकालकर सुरक्षित और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है।
किसानों का कहना है कि प्रस्तावित मार्ग उनकी उपजाऊ कृषि भूमि से होकर गुजर रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी। उनका कहना है कि वे खेती पर निर्भर हैं और भूमि अधिग्रहण से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने मांग की है कि बायपास का रूट बदला जाए और किसी भी प्रकार की भू-अर्जन की कार्रवाई फिलहाल रोकी जाए।
ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि जिंदल पावर अपनी उपलब्ध भूमि का उपयोग कर बायपास मार्ग विकसित करे, जिससे किसानों की जमीन बचाई जा सके। इससे पहले भी 17 जून को किसानों ने इस संबंध में तहसीलदार तमनार को आवेदन सौंपा था।
प्रस्तावित बायपास के निर्माण में दो बड़े पुल, चार लघु पुल, पुल-पुलिया, रिटेनिंग वॉल, टो-वॉल और जल निकासी की व्यवस्था शामिल है। परियोजना पूरी होने पर भारी वाहनों का आवागमन आबादी क्षेत्र से बाहर हो जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

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